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    • 30 NOV 16
    क्या गैस भी हो सकती है सरदर्द का कारण
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    यूँ तो सिर दर्द के बहुत से कारण हैं जिसमें से गैस भी एक है तथा समस्या यह है कि बहुत से लोग ऐसे हैं जो सिरदर्द के इस कारण से अनजान हैं । तो आइए आपकी इसके बारे में विस्तार से बताते हैं ।

    हमारे बदलते जीवन में हमारा रहन-सहन तथा ख़ान-पान सब कुछ बदल चुका है, जिसके कारण हम कई बीमारियों की चपेट में आते जा रहे हैं । आधुनिक जीवनशैली की देन सिरदर्द आजकल काफी आम बीमारी हो गई है । हालांकि सिरदर्द के कईं कारण हैं लेकिन यदि हम अपनी जीवनशैली को ध्यान से देखे तो हम पाएंगे कि हमारे जीबन में सबसे ज्यादा बदलाव हमारे ख़ान-पान को लेकर आया है । अनियमित, दूषित तथा जंक फूड खाने की वजह से पेट में गैस बनती है, जिससे कई कार लोगों के सिरदर्द को समस्या का सामना भी करना पड़ता है ।

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    क्या है गैस ?

    गैस (हवा) सामान्य रूप से हमारी आँतो के अंदर मौजूद है । गैस का अधिकांश उत्पादन पेट के बैक्टीरिया द्वारा होता है । असामान्य रूप से गैस मुंह से (ढंकार) या गुदा (आन्त्रवायु) से निष्कासित होती है | दैनिक 500 मिलीलीटर (आधा लीटर) गैस गुदा के माध्यम से निष्कासित होती है । जब ये गैस हमारे शरीर से बाहर नहीं निकल माती तो पेट और छाती से होते हुए सिर में चढ़ जाती है । गैस के सिर में चढने के कारण अक्सर सिर में दर्द रहता है । ऐसे में गैस के सिरदर्द को दूर करने के लिए सबसे जरूरी है कि पेट की गैस से ही निजात पाईं जाए । पेट गैस को अधोवायु बोलते हैं । इसे पेट में रोकने से कई बिमारियों हो सकती हैं, जैसे एसिडिटी, कब्ज, पेटदर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना, बेचैनी आदि । लंबे समय तक अधोवायु को रोके रखने रखने बवासीर भी हो सकंती है । आयुर्वेद कहता है कि आगे जाकर इससे नपुंसकता और महिलाओं में यौन रोग होने की भी आशंका हो सकती है । गैस बनने के लक्षण पेट में दर्द, जलन. पेट से गैस पास होना, डकारें आना, छाती में जलन, अफारा । इसके अलावा जी मिचालना, भोजन के बाद पेट ज्यादा भारी लगना और भोजन हजम न होना, भूख कम लगना, पेट भारीभारी रहना और पेट साफ न होने जैसा महसूस होना और साथ ही छाती और सिर में बहुत तेज दर्द होना ।

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    गैस बनने के कारण

    शराब पीने से, मिर्च-मसाला, तनी-भुनी चीजें ज्यादा खाने से । बीन्स, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल, फास्ट फूड, ब्रेड और किसी-किसी को दूध या भूख से ज्यादा खाने से, खाने के साथ कोल्ड ड्रिक लेने से, क्योंकि इसमें गैसीय तत्व होते हैं, तला या बासी खाना, टेशन रखना, देर से सोना और सुबह देर से जागना, खाने-पीने का टाइम फिक्स न होना ये सभी कारण पेट में गैस बनने और उसके परिणामस्वरूप सिरदर्द की वजह हैं ।

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    घरेलू नुस्खे

    ० एक मुनक्के का बीज निकालकर उसमें मूंग की दाल के एक दाने के बराबर हींग या फिर लहसुन की एक छिली कली रखकर मुनक्के को बंद कर लें । इसे सुबह खाली पेट पानी से निगल लें । इसके 20-25 मिनट बाद तक कुछ न खाएं । तीन दिन लगातार ऐसा करें । इसके अतिरिक्त हींग को पानी में घोलकर नाभि के आसपास लेप करें । पेट की गैस निकल जाएगी । यह उपाय छोटे बच्चों के लिए बहुत ही कारगर है | भूनी हुई हींग में आधा से एक ग्राम अजवाइन और काला नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ लेने से पेट में गैस का बनना व ऊपर चढ़ना एकदम ठीक हो जाता है ।

    ० अजवायन, जीरा, छोटी हरड़ और काला नमक बराबर मात्रा में पीस लें । बड़ों के लिए दो से छह ग्राम, भोजन के तुरंत बाद पानी से लें । बच्चों के लिए मात्रा कम कर दें ।

    ० पांच ग्राम हल्दी या अजवायन और तीन ग्राम नमक मिलाकर पानी से लें ।

    ० दो लोंग चूस लें या फिर उन्हें उबालकर उस पानी को पी लें ।

    ० पानी में 10-12 ग्राम पुदीने का रस और 10 ग्राम शहद मिलाकर लें ।

    ० भोजन के बाद 25 ग्राम गुड़ खाने से गैस नहीं बनती और आंतें मजबूत रहती हैं |

    ० बिना दूध के नींबू की चाय भी फायदा करती है पर नींबू की बूंदें चाय बनाने के बाद ही डालें । इसमें चीनी को जगह हल्का-सा काला नमक डाल लें, फायदा होगा ।

    ० बेल का चूर्ण, त्रिफला और कुटकी मिलाकर (दो से छह ग्राम) रात को भोजन के बाद पानी से लें |

    ० लहसुन की एक-दो कलियों के बारीक टुकड्रे काटकर थोड़ा सा काला नमक और नींबू की बूंदे डालकर गर्म पानी से सुबह खाली पेट निगल लें । इससे कोलोस्ट्रॉल, एंजाइना और आंतों की टीबी आदि बिमारियाँ ठीक होने मेँ भी मदद मिलेगी | गर्मियों में एक-दो और सर्दियों में दो-तीन कलियाँ लें |

    ० आधे कच्चे, आधे भुने जीरे को कूटकर गर्म पानी से दो ग्राम लें । ऐसा दिन में दो बार एक सप्ताह तक करें । इसके बाद मोटी सौंफ को भून-पीसकर गुड के साथ मिक्स करके 6-6 ग्राम के लड्डू बना लें । दिन में दो-तीन बार लड्डू चूसें

    ० हर बार खाने के साथ अजवायन भी खाएं तो पाचन बढिया होगा । खाने में सादा के साथ-साथ काला नमक भी इस्तेमाल करें ।

    उपरोक्त सभी उपायों है पेट में गैस बनना व उसके कारण होने वाले सिरदर्द से आसानी से निजात पाई जा मकती है । यदि आपको उपरोक्त नुस्खों को अपनाकर भी दर्द में राहत नहीं मिल रही तो किसी चिकित्सक से जांच करवाएं ।

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    गैस से मुक्ति में कारगर योग

    कपालभाति व अग्निसार क्रिया, उत्तानपादासन, पवनमुक्तासन, हद्रयस्तम्मासन, नौकासन, मंडूकासन,, पविचमोत्तानासन, व्रजासन व उद्दियान बन्ध आसन करने से गैस व उसके कारण होने वाले सिरदर्द में आराम मिलता है ।

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    बरतें सावधानी

    बीपी ओर दिल के मरीज कपालभाति बहुत धीरे-धोरे करें | जिनका हाल हैं में पेट का आँप्रेशन हुआ हो वे यह क्रिया न करें । पेट का आँप्रेशन, हर्निया और कमर दर्द में अग्निसार क्रिया न केरे । हाई बीपी या कमर दर्द हो, तो उत्तानपादासन एक पैर से करें  | घुटनों में दर्द हो तो व्रजासन व मंडूकासन नहीं करना चाहिए ।

    जाने- कैसे करें अपने सही सरदर्द की पहचान ?

     

    सिरदर्द का पंचगव्य उपचार

    ⁠⁠⁠गव्यर्षि गौ नस्यश

    मुख्य लक्षण– सिर में दर्द होना | यह स्वतंत्र व्याधि भी है ओर कुछ व्याधियों का लक्षण मात्र भी |

    मुख्य दोष– वात, पित्त, कफ

    प्रभावित संस्थान– वातनाड़ी संस्थान

    गौमूत्र की उपयोगिता– गौमूत्र मेधी है, इसलिए मस्तिष्कीय ज्ञान-तंतुओं को शक्ति देता है | दीपन ओर पाचन होने के कारण शरीर को बनाए रखता है | पित्त, तिक्त व उष्ण होने के कारण लाभ करके नाड़ी संस्थान तो ताक़त देने से सरदर्द को मिटाता है | नित्य गौमूत्र पीने से स्थाई रूप से सरदर्द नष्ट हो जाता है |

    गौ-नस्य की उपयोगिता– देशी गाय के दूध के कण अत्यंत सूक्ष्म होने के कारण उसके घी से बना गौ-नस्य मस्तिष्क के अतिसूक्ष्म नाड़ीयों में जाकर अवरोध को दूर कर सरदर्द को मूल सहित उखाड़ फेंकता है |

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