• 04 APR 18
    बिना गाय के कैसे कमाएँ 50000 रुपया महीना ?

    मित्रों आज का विषय अत्यंत रुचिकर ओर आपके लिए परिणामकारक हो सकता है | हो सकता है आज के पश्चात मेरी जो छवि आपने बनाई है वो भी चूर-२ हो जाए… क्योंकि आज के विषय में मैने कुछ ऐसे सत्य बताने का निर्णय लिया है जो किसी के लिए भी घातक हो सकते है… पर आप जानते है अपन ठहरे खाली-फक्कड़… जब लाए कुछ नही तो लेकर क्या जाएँगे…?? ओर वैसे भी सारी सृष्टि उस ईश्वर की है… ओर मुझे उस पर अटूट विश्वास है | करने वाला ओर करवाने वाला वही है |

    तो आइए चलते है आगे….

    जैसा की आप आप जानते है की मैकाले शिक्षा पद्द्ति मे पढ़कर हमारी युवा पीढ़ी अत्यंत लोभी, स्वार्थी, कामचोर, छोटे कार्य को घृणित समझने वाली ओर नकारात्मक हो गई है… जिसका केवल एक ही उद्देश्य है अपनी उदर पूर्ति…. वो भी बिना कुछ किए…

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    मेरे पास प्रतिदिन अटक से कटक तक के लगभग 50 फोन आते है, इसमें से 45 युवाओं का एक ही प्रश्न होता है की भाई गाय नही है, कैसे करे…??

    क्यो आते है फोन…??

    यह सब होता है प्रेरणा के कारण… स्मरण करें मेरी पिछली पोस्ट राजीव भाई के भक्त ओर राष्ट्ररक्षकों के लिए आवश्यक है विचारधारा की स्पष्टता जिसमें मैने बताया था की प्रेरणा का क्या महत्व है ? ओर यह प्रेरणा मिल रही है मेरी पुस्तक देशी गाय से एक लाख रुपया कमाने के 9 सूत्र के कारण | युवाओं को समझ तो आया है की गाय पैसा दे सकती है पर अब गाय ही नही है तो काम क्या खाक करें…?? पर यदि देश ओर धर्म को बचाना है तो कार्य तो करना ही होगा… ओर इस देश का सौभाग्य यह है की आज भी हम चाहें तो यह सरलता से संभव है | आओ देखें कैसे…

    अब ये जो फोन आते है उन्हे मैं अनेक योजनाएँ बताता हूँ… जिसमें से कुछ आज मैं आपको भी बताता हूँ…

    १) आवश्यक नही हर व्यक्ति के पास सभी कुछ हो… जिसके पास जो है उससे वह लो ओर राष्ट्र के लिए कार्य करें…
    यदि आपके पास गाय नही है तो आप प्रतिदिन सुबह ५ बजे अपने पड़ोसी के घर जाकर गौमूत्र एकत्रित कर ले | उसे लाकर घर पर उत्पाद बनाएँ |

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    २) पड़ोसी के गाय नही है तो पास में स्थित गौशाला से गौमूत्र ले आएँ…

    ३) प्रतिदिन नही जा सकते तो गौपालक तो 20 रुपया प्रतिदिन दे… वो आपके लिए यह कार्य कर देगा… एक ड्रम मे भरकर रख देगा… आप प्रति सप्ताह जाकर गौमूत्र ले आएँ….

    ४) इतना भी नही होता तो एक अर्कयंत्र अपने पड़ोसी या गौशाला मे लगा दें… वो आपको तैयार करके दे देगा…. आप तैयार उत्पाद ले ले… उसे 50-100 रुपया प्रति लीटर दे दें…

    ५) ये कुछ नही हो पा रहा तो यहाँ सूची में देखकर मुझसे उत्पाद ले ले पर काम करें |

    इसके अलावा भी अनेक उपाय में देता हूँ… पर ये मैकाले का कीड़ा इन्हे इनकी नस-नाड़ीयों में घुसकर इनकी इंद्रियों को शिथिल कर चुका है | इसलिए आज मैने निर्णय लिया है की मैने यह सब कैसे किया वह सभी को बताया जाए… कदापि आपकी आँखे खुले….

    जैसा की आप जानते है की मैं जयपुर महानगर मे रहने वाला, जीवन का आनंद लेने वाला, आईटी सेक्टर में काम करने वाला, जो ऑफीस जाए तो 18 पर एसी, कार मे बैठे तो एसी, जिसके दादा, पड़दादा तक मुख्य जयपुर नगर के रहने वाले, कोई अपनी भूमि नही, गाय नही, गाँव नही…. यदि मैं यह कर सकता हूँ…तो आपके पास मुझसे तो अधिक ही होगा…

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    आपको जानकार आश्चर्य होगा की ये सब कुछ ना होते हुए… इस परिस्थिति में भी… आज हमारा गुरुकुल भी चल रहा है, उत्पाद भी बन रहे है, चिकित्सा भी हो रही है… मेरा अपना तो कुछ नही है | बस ईश्वर ने मुझे जो दिया मैने उठाया ओर जोड़ दिया…? जो छात्र हमारे पास पढ़ने आते है वे जानते है की कई बार हमें विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है | पर हम हिम्मत नही हारते… मैं छात्रों से कहता हूँ… की आप यहाँ कुछ सीखने आए है ना की सुविधा के लिए… ओर हमारे छात्र भी सहयोग करते है | हम छात्रों को बाकी कुछ दे सके या नही पर पंचगव्य प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से इस प्रकार की शिक्षा अवश्य दे देते है की वह सरलता से 50000 रुपया महीना घर से ही कमा सकता है |

    ओर यह मैं केवल बोलता नही हूँ… करता भी हूँ… यह देखिए…. हमारे सुनील भाई का 6 माह पुराना वीडियो….

    ओर यह १५ दिवस पुराना वीडियो….

    सुना… कुछ समझ आया की नाही बुडबक….??

    मजेदार विषय यह है की ये पंडित जी भी एक गौशाला से जुड़कर ही यह सब कर रहे है ना की घर की गाय से…

    आज जब मैं और पंडित जी ना कुछ होते हुए जब इतना कर सकते है तो आपको कौनसी मेहंदी लगी है भाई…?? भरोसा रखिए स्वयं पर… परिश्रम कीजिए… चीज़ो को जोड़ना सीखिए…

    रही बात मेरे गुरुकुल की तो वो आज नही तो कल बनेगा… मुझे कृष्ण पर पूरा विश्वास है…. उसे बनाने के लिए 50 लाख की राशि लगेगी… जो की मेरे पास है नही | ओर क्या पता आप ही मे से किसी को कृष्ण इस कार्य के लिए निमित्त बना दे |

    हमने कैसे गुरुकुल आरंभ किया…?? क्या-२ विपरीत परस्थितियाँ आई वो विस्तार से अगली पोस्ट में…

    क्रमश:

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