वर्धमान त्रिफला गोमूत्र चूर्ण (सर्व विकार)

घटक पदार्थ और उतकी मात्रा

  1. बीज निकालकर सुखाई हरड़ : 100 ग्राम
  2. बीज निकालकर सुखाया बहेड़ा : 200 ग्राम
  3. बीज रहित सूखा आंवला : 300 ग्राम
  4. गोमूत्र क्षार : 600 मिलीलीटर
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बनाने की विधि

  1. एक चीनीमिट्टी के अथवा अच्छी गुणवत्ता के प्लास्टिक के बर्तन में 100 मिलीलीटर गौमूत्र क्षार में बीज निकालकर सुखाई हरड 100 ग्राम भिगा दें ।
  2. आठवें दिन दूसरे पात्र में 200 मिलीलीटर गोमूत्र क्षार में बीज निकालकर सुखाया बहेड़ा 200 ग्राम भिगा दें ।
  3. 15 वें दिन तीसरे पात्र में 300 मिलीलीटर गौमूत्र क्षार में 300 ग्राम बीजरहित सूखा आंवला भिगा दें ।
  4. 22 वें दिन हरड़, बहेड़ा और आंवला क्रमशः 21, 14, 7 दिन गोमूत्र क्षार में भीग जाने पर तीनों बर्तन धूप में रखकर हरड़, बहेड़ा और आंवला पुर्णतः सुखा लें ।
  5. इसके पश्चात सबका अलग-अलग कपड़ाछान चूर्ण बना लें ।
  6. इस पूरी प्रक्रिया के अंत में हरड़, बहेड़ा और आंवला के चूर्ण भार, शोषित गोमूत्र क्षार की मात्रा के अनुपात में कुछ न्यूनाधिक हो जाता है । अतः बनाए हुए सभी चूर्णों को पुनः तौल लें । तत्पश्चात 1 भाग हरड चूर्ण, 2 भाग बहेड़ा और 3 भाग आंवला चूर्ण लेकर, डिब्बे में डाल कर एक जीव होने तक मिला लें ।
  7. यह चूर्ण कांच की बरनी में भरकर रख दें ।

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