गोमुत्र कर्ण औषधि (कानों के विकार)

घटक पदार्थ

सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में भ्रमण कर रहा हो, तब अर्थात 26 मई से 8 जून मध्य किसी रात्रि में प्राप्त किया हुआ गोमुत्र 100 मिलीलीटर

इस अवधि में धूप कडी होती है; इसलिए इस गोमुत्र पर सूर्य तरंगों का संस्कार हुआ रहता है ।

पंचगव्य चिकित्सा प्रशिक्षण निशुल्क: पंचगव्य उत्पाद निर्माण शिविर पंचगव्य उत्पाद

बनाने की विधि

स्वच्छ सूती कपड़े की चार परतें बनाकर उससे इस गोमुत्र को छानकर ड्रापर वाली शीशियों में भरकर रख दें ।

पॅंचगव्य चिकित्सा मे डिप्लोमा

निशुल्क पॅंचगव्य उत्पाद निर्माण एवम् प्रक्षिक्षण शिविर

प्राकृतिक एवम् पॅंचगव्य चिकित्सा

गौ-नस्य

निशुल्क चिकित्सा

गव्यशाला

गौ आधारित वैदिक पंचगव्य गुरुकुल एवम् चिकित्सा केंद्र

गौ लोक धाम... एक ऐसा स्थान जहाँ आप सीखेंगे पंचगव्य के माध्यम से शरीर का रोग निदान एवम् उत्पाद निर्माण...

गव्यशाला
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