गोमूत्र मलहम (त्वचा विकार)

घटक पदार्थ और उनकी मात्रा

  1. गोमुत्र घन : 200 ग्राम
  2. नीलाथोथा अथवा तूतिया : 200 मिलीग्राम (रसायन शास्त्र में इसे कॉपर सल्फेट कहते हैं)
  3. हल्दी : 20 ग्राम
  4. गेरू :10 ग्राम
  5. नारियल तेल : 100 मिलीलीटर
पंचगव्य चिकित्सा प्रशिक्षण निशुल्क: पंचगव्य उत्पाद निर्माण शिविर पंचगव्य उत्पाद

बनाने की विधि

  1. प्रथम गेरू और हल्दी का कपड़छान चूर्ण मिला लें ।
  2. चूल्हे पर लोहे की कडाही रखें । कडाही तपने पर उसमे तूतिया मिलाकर उसे लोहे के पलटे से बारिक कर लें ।
  3. तूतिया का चूर्ण स्वेत होने पर उसमें गोमूत्र घन मिलाएं ।
  4. गोमुत्र घन द्रव बनने पर उसमें गेरू और हल्दी का मीश्रण मिला दें तथा एक जीव होने तक इस मिश्रण को हिलाते रहें । इसके पश्चात कडाही को आंच से उतार कर उसमें नारियल तेल मिलाकर पुनः चलाएं ।
  5. इस प्रकार बने मलहम को बड़े मुक्ख की कांच की बोतलों में भरकर रखें ।

पॅंचगव्य चिकित्सा मे डिप्लोमा

निशुल्क पॅंचगव्य उत्पाद निर्माण एवम् प्रक्षिक्षण शिविर

प्राकृतिक एवम् पॅंचगव्य चिकित्सा

गौ-नस्य

निशुल्क चिकित्सा

गव्यशाला

गौ आधारित वैदिक पंचगव्य गुरुकुल एवम् चिकित्सा केंद्र

गौ लोक धाम... एक ऐसा स्थान जहाँ आप सीखेंगे पंचगव्य के माध्यम से शरीर का रोग निदान एवम् उत्पाद निर्माण...

गव्यशाला
विधाधर नगर
जयपुर
राजस्थान- 302023 भारत