गव्यरक्षक बनें ओर कमाएं रुपया 2500/- से 100000/- मासिक

गोमूत्र मलहम (त्वचा विकार)

घटक पदार्थ और उनकी मात्रा

  1. गोमुत्र घन : 200 ग्राम
  2. नीलाथोथा अथवा तूतिया : 200 मिलीग्राम (रसायन शास्त्र में इसे कॉपर सल्फेट कहते हैं)
  3. हल्दी : 20 ग्राम
  4. गेरू :10 ग्राम
  5. नारियल तेल : 100 मिलीलीटर

बनाने की विधि

  1. प्रथम गेरू और हल्दी का कपड़छान चूर्ण मिला लें ।
  2. चूल्हे पर लोहे की कडाही रखें । कडाही तपने पर उसमे तूतिया मिलाकर उसे लोहे के पलटे से बारिक कर लें ।
  3. तूतिया का चूर्ण स्वेत होने पर उसमें गोमूत्र घन मिलाएं ।
  4. गोमुत्र घन द्रव बनने पर उसमें गेरू और हल्दी का मीश्रण मिला दें तथा एक जीव होने तक इस मिश्रण को हिलाते रहें । इसके पश्चात कडाही को आंच से उतार कर उसमें नारियल तेल मिलाकर पुनः चलाएं ।
  5. इस प्रकार बने मलहम को बड़े मुक्ख की कांच की बोतलों में भरकर रखें ।

3 प्रकार के पंचगव्य प्रशिक्षण शिविर

देशी गाय से 1 लाख रुपया महीना कमाने के 9 सूत्र

अर्कयंत्र खरीदें

Grass Fed Cow Ghee

प्राकृतिक एवम् पॅंचगव्य चिकित्सा

गौ-नस्य

निशुल्क चिकित्सा

गव्यशाला

गौ आधारित वैदिक पंचगव्य गुरुकुल एवम् चिकित्सा केंद्र

गव्यशाला... एक ऐसा स्थान जहाँ आप सीखेंगे पंचगव्य के माध्यम से शरीर का रोग निदान एवम् उत्पाद निर्माण...

गव्यशाला
विधाधर नगर
जयपुर
राजस्थान- 302023 भारत