• 21 APR 18
    बंद कर दो इन गौशालाओं को… नही बचेगी गाय  !
    गव्यरक्षक बनें ओर कमाएं रुपया 2500/- से 100000/- मासिक

    पृथ्वीराज चौहान जिस मार्ग से दिल्ली जाते थे… आज वह मार्ग कहाँ है…???

    कहाँ है वो किले… महल…बावड़ियां जो कल तक कल-2 करके बहती थी…??

    कहाँ है बजाज का सुपर ब्रांड स्कूटर..??

    डायनासोर, घोड़े, कोडक, नोकिया, ऑरकुट, myspace जैसी असंख्य पशु ओर कंपनियां विलुप्त हो गई.. क्यो…??

    आने वाले समय मे कार ड्राइवरलेस होने जा रही है… Driver की नौकरी खत्म….

    Next Panchgavya Workshop

    ओर अमेरिका में तो जनसमूह आंदोलन कर रहा है…पता है क्यो…?? क्योंकि मशीनीकरण उनकी नौकरी खा गया… वहां तो मानव के अस्तित्व पर ही संकट है… क्यो…??

    भारत में अनेक लोग, संस्थाएं, संत, साधु, गुरुकुल गौमाता को बचाने के लिए लगे पड़े है… रात दिन भाग रहे है… पर इन्हें यह छोटी सी बात समझ नही आती की किसी भी जीव या वस्तु का अस्तित्व निर्भर करता है उसकी उपयोगिता पर… ये समझ ही नही पा रहे है की गाय पर असली संकट कसाई ओर सरकार नही बल्कि उसका निरउपयोगी होना है… अन्यथा आपके घर के बाहर खड़ी कार को कोई हाथ लगा कर तो दिखा दे… है किसी सरकार की हिम्मत…???

    3 प्रकार के पंचगव्य प्रशिक्षण शिविर मैं बोलता हूँ तो बहुत लोगो को हिस्टीरीया के दौरे पड़ने लगते है… आज ही सुबह एक भाई बोला… गाय के नाम को बदनाम कर रखा है… गाय से पैसा कमाते हो… जब मैने कहा भाई बोल…. परिवार लेकर तेरी शरण में आ जाता हूँ तो अभी तक दिखा नही… गाय को मारने वाले असल कसाई ये लोग है…. ये गौहत्यारे है… इस पर मैने एक लेख गाय से व्यापार क्यों कर रहे है आप ? भी लिखा था पर भैंस का दूध पी-पीकर इनकी बुद्दी मोटी हो गई है… गाय को बचाने से पहले तुम्हे स्वयं को बचाने की आवश्यकता है… इस ठोड़ बुद्दी से तो तुम्हारे अस्तित्व पर पर भी संकट है… इससे अच्छा बंद कर दो ये ग़ौशालाएँ… तुमसे ना हो पाएगा बेटा…

    अरे मूर्खो… तुम्हारे पूर्वज गाय ओर बैल से काम लेते थे… तब कहीं जाकर वो बची थी… गोबर की खाद बनाई… दूध लिया… ओर खाने को क्या दिया बे…. छोड़ दिया गौचर में… ओर साला अब तुम सीखाएगा की गौसेवा क्या है ? गाय कैसे बचेगी ?

    हप्प्प्प्प साला….

    आज अंग्रजो मे गाय के स्थान पर जर्सी ओर बैल के स्थान पर Tractor दे दिया… अब कोई खूँटे पर खड़ी गाय को क्यो खिलाएगा भला…. वो भी उस युग में जब खाट पर पड़े बाप को बेटा नही पूछता…?? विचार करें…

    जो वस्तु उपयोगी नही रहेगी या समयानुसार बदलाव नही लाएगी, वो काल के ग्रास मे समा जाएगी…. विलुप्त हो जाएगी…

    मनीष शर्मा जब पैसो की बात करता है तो बोलते है पैसा-२ करता है ये आदमी… सीना ठोक कर बोलता हूँ… हां करता हूँ…. ओर लोगो को करना सीखाता भी हूँ… क्योंकि मुझे पता है गाय को बचाने के लिए उसका उपयोग करना होगा.. उसे उपयोगी बनाना होगा…. ओर जब गाय रोकड़ा देगी तो लोग उसे छोड़ना तो दूर insurance करवाएँगे… अबे करवाएँगे क्या… करवा रहे है… आँखे खोल कर तो देखो….

    मूर्खो… तुम्हारी गाय नकारा हो गई है… उसे काम दो… धंधा दो उसे… धंधा

    क्रमश:

    मनीष भाई एक गौसेवक है | आपका एक ही लक्ष्य है, गौ सेवा के माध्यम से मानव सेवा… गौमाता के संरक्षण के लिए आपके कई प्रकल्प (जैसे- मेरी माँ) जयपुर में चल रहे है ओर अब ये स्वयं पंचगव्य चिकित्सा प्रशिक्षण देते है |

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  • Posted by Ajay Kumar sinha on April 23, 2018, 7:45 am

    07979749951 Thanks sir,, aap ka vichar bhuat accha laga, jab tak sabhi log ka maan nahi badelega Tab tak kuch nahi Ho sakta h

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